विश्व बाल श्रम निषेध दिवस समारोह: जीवेश मिश्रा बोलें-बाल श्रम एक अभिशाप है

“विश्व बाल श्रम निषेध दिवस” के अवसर पर श्रम संसाधन विभाग, बिहार सरकार और यूनिसेफ द्वारा संयुक्त रूप से पटना के ज्ञान भवन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य से बाल श्रम के उन्मूलन हेतु सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इस दिशा में हमें निरंतर यूनिसेफ का सहयोग मिलता रहा है।

सामाजिक-आर्थिक पिछड़ापन जो बाल मजदूरी को बढ़ावा देने में मुख्य कारक के तौर पर काम करता है, उसे खत्म करना अत्यंत आवश्यक है। तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि इस दिशा में श्रम संसाधन विभाग एवं समाज कल्याण विभाग ने जागरूकता फैलाने के अलावा कई कार्यक्रम चलाए हैं। जिससे बाल श्रम में गिरावट आई है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्रम संसाधन विभाग के मंत्री जिवेश मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि यह हर्ष का विषय है कि ई-श्रम पोर्टल पर निबंधन के मामले में हम यूपी के बाद दूसरे नंबर पर हैं।

उन्होंने बाल श्रम को खत्म करने के लिए अभिभावकों की काउंसलिंग के साथ-साथ सामुदायिक स्तर पर सक्रियता पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने आह्वान किया कि अपने आसपास बाल श्रम संबंधी गतिविधियों के बारे में 1098 पर रिपोर्ट करें अथवा अपने क्षेत्र के श्रम आयुक्त से संपर्क करें। सरकार द्वारा नए उद्योग स्थापित करने एवं स्कूल जाने योग्य सभी बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की दिशा में भी तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं जिससे बिहार को बाल श्रम मुक्त बनाने में बहुत मदद मिलेगी।

जिवेश मिश्र ने जानकारी दी कि विभिन्न विभागों के समेकित प्रयास से अब तक 1963 बच्चों को बाल श्रम जैसे अमानवीय कुचक्र से मुक्त कराया गया है। इस अवसर पर अरविन्द कुमार चौधरी, प्रधान सचिव, श्रम संसाधन विभाग, प्रेम सिंह मीणा, सचिव, समाज कल्याण विभाग, अनिल किशोर यादव, पुलिस महानिरीक्षक, कमज़ोर वर्ग, आलोक कुमार, विशेष सचिव, श्रम संसाधन विभाग, रंजिता, श्रम आयुक्त, बिहार, नफ़ीसा बिन्ते शफ़ीक़, राज्य प्रमुख, यूनिसेफ बिहार, प्रमिला कुमारी, अध्यक्ष, बिहार राज्य बाल संरक्षण आयोग की उपस्थिति रही।