VIDEO: 17 साल बाद बोचहां में राजद ने दर्ज की जीत, भूमिहारों का मिला पूरा साथ

बोचहां विधानसभा उपचुनाव में RJD ने बड़ी जीत हासिल की है। इस जीत एक नए समीकरण का संकेत दे रही है, जो आगे चल कर बिहार की राजनीति को उलट सकती है। इस उपचुनाव में RJD भूमिहार समाज में सेंधमारी में काफी हद तक सफल रही है। यहां करीब 17 साल बाद RJD ने जीत दर्ज की है। 2005 में आखिरी बार लालटेन चुनाव चिह्न पर रमई राम चुनाव जीते थे।

इसके बाद 2010 में चुनाव तो रमई राम ही जीते, लेकिन चुनाव चिह्न तीर (JDU) का था। इसके बाद 2015 में बेबी कुमारी ने निर्दलीय चुनाव जीता। 2020 में VIP के टिकट पर मुसाफिर पासवान चुनाव जीते। उनके निधन के कारण ही उपचुनाव हुआ है। बता दें कि अमर पासवान को दिवंगत मुसाफिर पासवान के निधन से उपजे सहानुभूति का फायदा हुआ।

साथ ही साथ उनका युवा होना भी उनके पक्ष में गया। पूरे उपचुनाव के दौरान तेजस्वी यादव ने अमर पासवान के लिए जोरदार तरीके से कैंपेनिंग की। अपने नेताओं को एकजुट करने के साथ-साथ अपने अंदाज में वोट मांगा। माना जा रहा है कि इस वक्त BJP से उसका परंपरागत वोटर भूमिहार समाज काफी नाराज चल रहा है।

समाज में RJD की सेंध का असर विधान परिषद चुनाव में भी दिखा था। ब्रह्मर्षि समाज के नेताओं को उम्मीदवार बनाया, तो पार्टी को बड़ी सफलता मिली। चुनाव जीते 6 उम्मीदवारों में से 3 भूमिहार समाज के हैं। ऐसे में बोचहां उपचुनाव ने भी बिहार में नए राजनीतिक समीकरण के संकेत दे दिए हैं।