रोगों से लड़ने को नए 327 बच्चों को दी गई स्वर्णप्राशन औषधि

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बढ़ती गर्मी व रोगों से लड़ने की क्षमता में वृद्धि करने के उद्देश्य से बच्चों को स्वर्णप्राशन रुपी रक्षा कवच की खुराक बच्चों को दी गई। राजकीय आयुर्वेद कालेज अस्पताल पटना में सोमवार को पुष्य नक्षत्र के दिन कोरोना प्रोटोकोल के साथ 327 बच्चों को स्वर्ण प्राशन की औषधि दी गई।

इस तरह अब तक कुल 9850 बच्चे की संख्या हो गई जो इस औषधि को ले रहे हैं। यह जानकारी शिशु रोग प्रभारी डॉ. (प्रो.) अरविन्द चौरसिया ने दी। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम की शुरुआत जुलाई 2019 मे की गयी थी।, उसके बाद से अभी तक करीब 9850 (नौ हजार आठ सौ पचास) से अधिक बच्चों को इसकी खुराक दी जा चुकी है।

अभिभावक से पूछताछ एवं शिशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण के पश्चात देखा गया कि इस औषधि के सेवन से बच्चो के वजन, लंबाई मे वृद्धि हुई तथा उसे कोई गंभीर बीमारी भी नही हुई। इस प्रकार यह रोगप्रतिरोधक क्षमता बढाने मे सहायक है। इस औषधि मे स्वर्ण भस्म के साथ ब्राह्मी घृत एवं मधु मिलाकर 6 घंटे मर्दन के पश्चात इसे पिलाया जाता है।

बच्चों को स्वर्ण प्राशन खुराक पिलाने से पहले भगवान चरक का स्मर्ण करते लोग

आज हुए इस कार्यक्रम का उद्घाटन निदेशक आयुर्वेद डाॅ. राजेश्वर प्रसाद सिह, उपनिदेशक आयुर्वेद डाॅ. विश्वनाथ राय, डॉ.(प्रो.) संपूर्णानन्द तिवारी, अधीक्षक डॉ.(प्रो.) विजयशंकर दूबे, के द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. शिल्पी गुप्ता, डॉ. आशुतोष भारद्वाज डॉ. एसके पांडेय के साथ-साथ कॉलेज के इंटर्न एवं तृतीय बीएएमएस के छात्रों ने अहम भूमिका निभाई।

डॉ. चौरसिया के अनुसार इसकी अगली खुराक दिनांक 09/05/22 (सोमवार) को दी जायेगी, जिसका निबंधन 02/05/22 (सोमवार) से की जायेगी। पुराने बच्चो के अतिरिक्त 50 नये बच्चो का निबंधन किया जायेगा। निबंधन पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर होगा। बिना निबंधन के यह औषधि नही दी जायेगी।