रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि: जीवेश मिश्रा बोले- ‘कृष्ण की चेतावनी’ हमें बहुत प्रिय था

राष्ट्रकवि स्व. रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर बिहार सरकार के मंत्री जीवेश मिश्रा ने अपने सरकारी आवास पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हमलोग महाकवि रामधारी सिंह दिनकर के लिखे काव्य-संग्रह ‘रश्मिरथी’ को पढ़ा करते थे। जिसमें ‘कृष्ण की चेतावनी’, विशेष रूप से हमें प्रिय था। इसे सोशल मीडिया पर अनेक लोगों ने स्वर दिए हैं। इस कविता का लय और भाषा इतना लोकप्रिय है कि जिस-जिसने इसे पढ़ा उसे खूब सराहा गया। लोगों को ज़ुबानी यह कविता याद है।

मंत्री जीवेश मिश्रा ने कहा कि रश्मिरथी के अलावा महाकवि ने रेणुका, हुंकार, उर्वशी, कुरुक्षेत्र, परशुराम की प्रतीक्षा जैसे संग्रहों के साथ-साथ गद्य भी खूब लिखा। वे अपनी कविता में एक जगह लिखते हैं कि ‘मर्त्य मानव की विजय का तूर्य हूं मैं, उर्वशी अपने समय का सूर्य हूं मैं। यह उनकी लिखी उन कालजयी पंक्तियों में से एक है जिसे लोग किसी मुहावरे की तरह प्रयोग करते हैं। मंत्री ने कहा कि यूं तो कवि ‘पुरुरवा’ के माध्यम से यह पंक्तियां कह रहे हैं। परंतु दिनकर शब्द का अर्थ भी सूर्य ही है। रामधारी सिंह दिनकर वाकई साहित्य के सूरज हैं। जिसकी रौशनी शब्दों के साथ लोगों के जीवन में रची-बसी है। कितने ही स्थान हैं जहां महाकवि की पंक्तियां संसद से लेकर जन-आंदोलनों तक की आवाज़ बनीं।


मंत्री जीवेश मिश्रा ने कहा कि जो जानकारी मुझे है, जेपी आंदोलन में रामधारी सिंह रचित सिंहासन खाली करो कि जनता आती है, खूब पढ़ा गया। सेना को संबोधित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पढ़ते हैं कि कलम आज उनकी जय बोल तो महामारी के समय टीकाकरण अभियान पर बात करते हुए वे याद करते हैं कि मानव जब जोर लगाता है, पत्थर पानी बन जाता है। ऐसे अनेकों उदाहरण हैं जहां राष्ट्रकवि की पंक्तियों के साथ जनचेतना को जाग्रत करने का प्रयास किया जाता है। दिनकर को किसी एक विचार के साथ जोड़ना असंभव है। वे जनवादी कवि हैं, राष्ट्रवादी भी, गांधीवादी भी और मार्क्सवादी भी हैं।

मंत्री जीवेश मिश्रा ने कहा कि वे एक समय गांधी जी के खिलाफ लिखते हैं तो उनकी मृत्यु के शोक पर भी लिखते हैं। पंडित नेहरू जो उन्हें राज्यसभा ले गए, उन्हीं के ख़िलाफ़ उन्होंने कई कविताएं उसी संसद में खड़े होकर पढ़ीं। इससे मालूम होता है कि वे एक सच्चे कवि थे। जिसे किसी प्रकार का लोभ न था। मंत्री जीवेश मिश्रा ने कहा कि उनका व्यक्तित्व और कृतित्व ही है कि पटना स्टेशन पर उनकी जयंती के दिन उनकी तस्वीर को दर्शाया गया, उनके गांव सिमरिया में स्टेशन की दीवारों पर उनकी लिखी पंक्तियां उकेरी गयी हैं। इस अवसर पर अजेंद्र शर्मा, विंध्याचल राय, विजय सिन्हा, देवेन्द्र झा, समाजसेवी नागेन्द्र झा, सब्बु कुमार, संदीप कुमार उपस्थित रहे।