गांधी सेतु के लोकार्पण में नेता प्रतिपक्ष को आमंत्रण नहीं,RJD नेता बोले- डिप्टी सीएम रहते की थी पहल

महात्मा गांधी सेतु पूर्वी लेन के लोकार्पण समारोह में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को आमंत्रित नहीं किया गया। इस पर राष्ट्रीय जनता दल ने तीखी प्रतिक्रिया प्रकट की है। राजद के प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन और एजाज अहदम ने आक्रोश प्रकट करते हुए कहा है कि इस योजना को कार्यान्वित कराने में नेता प्रतिपक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। फिर भी उन्हें सामान्य विधायक की श्रेणी में बिना नाम लिखे रखा गया, जबकि पुल का एक बड़ा भाग उनके निर्वाचन क्षेत्र राघोपुर में पड़ता है।

राजद प्रवक्ता ने कहा कि 2005 में बिहार में एनडीए की सरकार बनने के बाद महात्मा गांधी सेतु के रखरखाव पर समुचित ध्यान नहीं देने से पुल की स्थिति खराब हो गई थी। तेजस्वी जब राघोपुर से विधान सभा का चुनाव जीतकर आए और बिहार में महागठबंधन की सरकार में पथ निर्माण विभाग के मंत्री बने तो गांधी सेतु का पुनर्निर्माण उनकी प्राथमिकता सूची में था।

30 दिसंबर 2015 को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मिलकर गांधी सेतु के पुनर्निर्माण कराने का अनुरोध किया। राजद नेता ने कहा कि लोकार्पण समारोह के लिए अखबारों में छपे विज्ञापन से भी तेजस्वी यादव का ही नाम नदारद था।

विज्ञापन में जब बिहार सरकार के मंत्रियों के नाम हैं तो स्थानीय विधायक और नेता प्रतिपक्ष के रूप में तेजस्वी का नाम भी रहना चाहिए था। प्रोटोकॉल के अनुसार भी नेता प्रतिपक्ष को मंत्री के समकक्ष माना जाता है। लोकार्पण के मंच पर ऐसे लोग भी विराजमान थे, जिन्होंने 2016 में इस योजना का विरोध किया था।