पहली बार करने जा रही हैं वट सावित्री व्रत तो इन बातों का रखें ख्याल

इस बार 30 मई दिन सोमवार को vat Savitri vrat मनाया जायेगा। इस दिन सोमवती अमावस्या भी पड़ रही है। इसी दिन शनि जयंती भी मनाई जाएगी। प्रातः काल से ही सर्वार्थ सिद्धि योग और सुकर्मा योग भी है। ऐसे शुभ संयोग में वट सावित्री का व्रत अत्यंत फलदायक सिद्ध होगा।

अगर आप पहली बार पूजा कर रही हैं तो कुछ खास बातों का ध्यान रख लें। दो टोकरो में सामान सजा कर रख लीजिए। इसमें सावित्री और सत्यवान की मूर्ति, बांस का पंखा, कच्चा सूत, लाल रंग का कलावा, बरगद का फल, धूप, मिट्टी का दीपक, फल, फूल, बताशा, रोली, सवा मीटर का कपड़ा, इत्र, पान, सुपारी, नारियल, सिंदूर, अक्षत, सुहाग का सामान, भीगा चना, मिठाई, जल से भरा कलश, मूंगफली के दाने, मखाने का लावा शामिल हैं।


ऐसे करें पूजा: बरगद के पेड़ के पास जाकर जल चढ़ाएं। बरगद के पेड़ पर रोली और कुमकुम का टीका लगाएं। कच्चा सूत बांधकर सात बार परिक्रमा करें। विधिवत पूजा अर्चना करें, और आरती उतारें। साथ ही साथ अपने पति के लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करें।

Vat Savitri पूजा शुभ मुहूर्त
अमावस्या तिथि का प्रारंभ 29 मई दिन रविवार को दोपहर 2:54 से होगा।
अमावस्या तिथि का समापन 30 मई दिन सोमवार को सायंकाल 4:59 पर होगा।
वट सावित्री व्रत 30 मई 2022 सोमवार को रखा जाएगा।