अमेरिका के स्कूल में फायरिंग:18 साल के स्टूडेंट ने 19 बच्चों समेत 21 की ले ली जान

अमेरिकी राज्य टेक्सास से दिल दहलाने वाली खबर आ रही है। टेक्सास के युवाल्डे में रॉब एलिमेंट्री स्कूल में मंगलवार को 18 वर्षीय युवक ने अंधाधुंध फायरिंग की। इस हमले में 19 स्टूडेंट और 2 टीचर की मौत हो गई। फायरिंग में 13 बच्चे, स्कूल के स्टाफ मेंबर्स और कुछ पुलिसवाले भी घायल हुए हैं। हमलावर ने स्कूल में फायरिंग से पहले अपनी दादी को भी गोली मारी है। उन्हें एयरलिफ्ट करके अस्पताल ले जाया गया है।

वहीं पुलिस अधिकारियों ने हमलावर को भी मारने का दावा किया है। अभी उसकी पहचान को लेकर कुछ भी साफ नहीं हो पाया है। बताया जा रहा है कि हमलावर खुद भी स्टूडेंट है। टेक्सास के स्कूल में फायरिंग की यह घटना कनेक्टिकट में 2012 में हुई फायरिंग से मिलती हुई है। कनेक्टिकट के न्यूटाउन में सैंडी हुक एलिमेंट्री हाईस्कूल में 14 दिसंबर 2012 को 20 वर्षीय युवक ने फायरिंग की थी। इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी, इनमें 20 बच्चे थे।

यह अमेरिका के इतिहास की सबसे भयावह मास शूटिंग थी। शूटर ने दूसरी, तीसरी और चौथी क्लास में पढ़ने वाले मासूम बच्चों को अपनी गोली का निशाना बनाया है। घटना के बाद अमेरिका में 4 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। जिस संदिग्ध को मारने का दावा पुलिस अधिकारी कर रहे हैं, वो युवाल्डे हाईस्कूल का छात्र बताया जा रहा है।

हमलावर युवक अपना वाहन छोड़कर स्कूल में दाखिल हुआ। उसके पास एक हैंडगन और एक राइफल थी। टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने कहा कि संदिग्ध की पहचान सल्वाडोर रामोस के तौर पर हुई है और वो युवाल्डे का ही रहने वाला है। अधिकारियों ने कहा कि संदिग्ध ने स्कूल में फायरिंग से पहले अपनी दादी को भी शूट किया। उसकी दादी को एयरलिफ्ट किया गया है, वो जिंदगी और मौत से जूझ रही हैं।टेक्सास फायरिंग में मारे गए लोगों के शोक में अमेरिका में सभी सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।