सरकार और परिवहन विभाग के लिए गोलबंद हुए डीजल ऑटो चालक, दो दिवसीय हड़ताल पर गए

बुधवार को राजधानी पटना के जंक्शन स्थित टैम्पों स्टैंड में ऑटो चालकों ने सरकार के प्रति रोष जताया और नारेबाजी की। परिवहन विभाग द्वारा डीजल आटो बंद किए जाने के विरोध में इनका दो दिवसीय हड़ताल (6 और 7 अप्रैल) शुरू हुआ।
बता दें कि पटना में 1 अप्रैल से डीजल ऑटो का परिचालन परिवहन विभाग ने बंद कर CNG ऑटो चलाने का आदेश जारी कर रखा है।

इस फैसले के विरोध में ऑटो चालक संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले संघर्ष समिति मार्च 2023 तक पटना में डीजल ऑटो के लिए परमिट सहित 5 सूत्री मांगों पर अड़े हुए हैं। ऑटो चालक संयुक्त संघर्ष समिति के धरने में शामिल हुए ऑटो चालकों का कहना है कि 7 अप्रैल तक मांगे पूरी नहीं हुई तो 8 अप्रैल को सीएम आवास का घेराव करेंगे।

ऑटो यूनियन के अध्यक्ष नवीन मिश्रा ने बताया कि मांगे पूरी नहीं होने पर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा है कि सरकार की ओर यह तुगलकी फरमान हम लोगों को जान मारने के लिए जारी किया गया है। हम लोगों की अभी स्थिति भूख से मरने वाली हो गई है।

उनका कहना है कि प्रशासन ने डीजल से चलने वाले ऑटो और बसों पर रोक लगाई है। परिवहन विभाग ने शहर में डीजल बसें और ऑटो चलाने की अनुमति 31 मार्च तक ही दी थी। राजधानी पटना की सड़कों पर डीजल इंजन वाले बस एवं ऑटो पर नये आदेश का प्रभाव पड़ा है। चालकों के अनुसार इससे लगभग 250 डीजल बस चालक और 12000 से ज्यादा डीजल ऑटो चालक बेरोजगार हो गए हैं।