Bihar Politics News – बिहार की राजनीति में हो सकता है एक बहुत बड़ा बदलाव.

कॉन्ग्रेस चिंतन शिविर में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के द्वारा लोकल पार्टियों पर सवाल उठाए जाने बिहार में कांग्रेस नेताओं की गठबंधन को लेकर राहुल गांधी के साफ संदेश के बाद यह तय माना जा रहा है की अब कांग्रेस और राजद के बीच एक दूसरे को पीछे छोड़ने की राजनीति चल रही है।

एक्सपर्ट का मानना है कि, कांग्रेस बिहार की राजनीति में अपना राजस्थान राजद से अलग करने वाली है, अगर देखा जाए तो इससे पहले के विधानसभा चुनाव के बाद से ही दोनो पार्टियों में मतभेद चला आ रहा है, जो की समय दर समय और भी गहरी होती जा रही है। अब चाहे उप चुनाव हो या विधानपरिषद का चुनाव हो दोनो दलों ने अपने अपने उम्मीदवार एक दूसरे के समक्ष उतार चुके थे।

जबकि राजद के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने यह साफ बोला था की राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के साथ गड़बंधन बना रहेगा, लेकिन चिंतन शिविर के बाद अब यह तय माना जा रहा है की आने वाले समय में राजद और कांग्रेस दोनों अलग अलग होकर चुनावी दंगल में हिस्सा लेंगे।

इन सभी तारकबाजियों को ध्यान में रखते हुए राजद के नेता मनोज झा ने कहा है की अगर कांग्रेस आंकड़ों पर नजर डलेटो वे अपना बयान वापस ले लेंगे। उन्होंने यह भी कहा की कांग्रेस अभी कई राज्यों में स्थानीय पार्टी के साथ मिलके सरकार चला रही है।

उधर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर संजय जयसवाल का कहना है कि बिहार में कांग्रेस नेताओं का रवैया चिंतन शिविर में काफी आश्चर्यजनक रहा है, इस शिविर में बिहार कांग्रेस के नेताओं ने पहली बार हिम्मत दिखाते हुए कांग्रेस परिवार के समक्ष राजद का साथ छोड़ने की सिफारिश रखी है उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के कारण ही बिहार में राजद लगातार मजबूत होती गई और कांग्रेस पार्टी का क्षेत्रीय नेतृत्व पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है।