BCA को ज्ञान बांटने वाले अजय नारायण शर्मा अपनी करनी को तो पहले कर लें याद: पीडीसीए सचिव

हृदय जब प्रेम से भर जाता है तब जीवन में कुछ करने का जुनून पैदा हो जाता है। ऐसे में इंसान खुश रहता है और अपने आसपास के लोगों को खुश रखता है। जिस हृदय में प्रेम नही होता है उस हृदय में ईर्ष्या अपना घर बना लेती हैं। इंसान के पास सब कुछ होने के बाद भी वह चैन से नही जी पाता है। ऐसा ही कुछ हाल है पटना जिला क्रिकेट संघ के पूर्व सचिव अजय नारायण शर्मा का। जिन्होंने अबतक क्रिकेट का भला तो नहीं किया लेकिन करने वालों को परेशान करने से पीछे भी नहीं रहते।

अपने को क्रिकेट का भीष्म पितामह कहलाने वाले अजय नारायण शर्मा स्वयं क्रिकेट के प्रति अनैतिक कार्यशैली अपना रखा है लेकिन अपनी गलतियों को नजर अंदाज कर अब दो लड़कियों के खेल जीवन को बर्बाद करने को उत्तर आए है। जी हां। बीते दिनों पूर्व सचिव ने बिहार क्रिकेट संघ को एक मेल भेजकर दो महिला खिलाड़ियों को कैंप और टीम से निलंबित कर दो सप्ताह में कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा है। उनकी इस कृत्य को लेकर पटना जिला क्रिकेट संघ के सचिव सुनील कुमार उर्फ सुनील रोहित ने कड़े शब्दों में निंदा की है।

उनका कहना है कि जो स्वयं पिछले 14 सालों से ​असंवैधानिक तरीके से अपने को पीडीसीए का सचिव घोषित करने में लगे है। पहले वह बताएं किस नीति के तहत वे अपने को पटना जिला क्रिकेट संघ का सचिव कहते है। रही बात लड़कियों की तो जब जिला लीग में इन लड़कियों ने प्रतिभाग ही नहीं किया तो फिर एनओसी लेकर इन्हें खेलने की आवश्यकता ही नहीं।

बता दें कि पीडीसीए के पूर्व सचिव ने बीसीए को एक मेल भेजा है जिसमें उन्होंने लिखा हैं कि.. रविवार 17 अप्रैल को वैशाली जिला क्रिकेट संघ के सचिव द्वारा ई मेल प्राप्त हुआ। इस मेल में दीपांजलि व गीताजंलि नाम की दो महिला खिलाड़ी जो वैशाली जिला से 2021 में निबंधित है और इसी सत्र में इन दोनों महिला क्रिकेटरों ने वैशाली जिला अंडर-19 चयन प्रक्रिया में भी निबंधित थी।

परंतु बिना एनओसी लिए दोनों खिलाड़ियों ने बिहार टी 20 टीम में चयन के लिए पटना जिला का प्रतिनिधित्व किया। दोनों लड़कियों ने उक्त जानकारी छुपाई है। यह जानकारी मिलते ही कमेटी आफ मैनेजमेंट की आपात बैठक कर लड़कियों कसे तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए दो सप्ताह का कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह मेल बीसीए के सीईओ व अन्य पदाधिकारियों को भेजकर उचित कार्यवाही की मांग की है।

बता दें कि इस दोनों लड़कियों का नाम बीसीए के सेलेक्शन ट्रायल में वर्तमान पटना जिला क्रिकेट संघ द्वारा भेजा गया था। गीताजंलि का चयन बिहार सीनियर महिला टी20 टीम में किया गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब दोनों लड़कियों को वर्तमान पीडीसीए द्वारा ट्रायल में भेजा गया था। तो ऐसे में किस अधिकार के तहत अजय नारायण शर्मा अपने को सचिव बताते हुए इन महिला खिलाड़ियों पर दंडात्मक कार्रवाई की अनुशंसा कर रहे है। श्री शर्मा के इस कृत्य से साफ जाहिर होता है कि वे जानबूझकर खिलाड़ियों का मानसिक दोहन करने का काम कर रहे है। हालांकि अब बीसीए के पदाधिकारियों को देखना है कि वे संवैधानिक रूप से न्याय खिलाड़ियों संग करते हैं या नहीं।